A sweet hug
is more better than sleep in
the shadow of tree.
It will be so hearty.
In the life
nothing is so precious.
Because the ways of life
goes to God.
God has gifted me her love.
Love is not destiny.
But a sweet hug in solitude
joints me to infinity.
I feel solace
in a sweet hug.
Saturday, September 25, 2010
Love is a long journey.
Love is a long journey.
There is happiness and solace.
A sweet hug gives you
the touch of world.
A light kiss meets you
to immensity.
You can fly with her
in sky of life.
Life is not have itself meaning
without love.
Life will be stopped
but love haven't ends.
Its goes to infinity.
There is happiness and solace.
A sweet hug gives you
the touch of world.
A light kiss meets you
to immensity.
You can fly with her
in sky of life.
Life is not have itself meaning
without love.
Life will be stopped
but love haven't ends.
Its goes to infinity.
ध्यान एक होने की अवस्था है ।
आत्मा मुक्त है !
शरीर भौतिक है !
इसे तो नष्ट हो जाना है ;
लेकिन जो महसूस करते हैँ
कि आत्मा कर्म करती है ;
वे व्यर्थ का प्रयत्न करते हैँ !
वहीँ जीवन का सुकून खो जाता है !
वहीँ हम अशांत होते जाते हैँ !
फिर अकेलेपन को ढूँढ़ते हैँ !
जीवन का अर्थ संसार के शोर मेँ है !
तेज भागती कार मेँ जिँदगी है !
सिगरेट का कश ध्यान का अनुभव है !
जब हम हर प्रक्रिया से नहीँ गुजरेँगे
तो सीखना नहीँ होगा !
त्याग का अर्थ पाने के बाद है !
पाने मेँ मेहनत होती है !
मेहनत मेँ समय लगता है !
इतने ही समय मेँ हम एक हो सकते हैँ !
एक होने का अनुभव ही श्रेष्ठ है
मैँ और तुम नहीँ हैँ ,
और कोई भी नहीँ है !
हर कहीँ वही है ,
जो जीवन देता है ;
जो मुक्ति की दिशा देता है !
हम उससे दूर नहीँ जा सकते !
यही शाश्वत है !
यहीँ जाकर बुराई की कल्पना
मिट जाती है !
यहीँ जाकर अस्तित्व की सुबह
हो जाती है !
शरीर भौतिक है !
इसे तो नष्ट हो जाना है ;
लेकिन जो महसूस करते हैँ
कि आत्मा कर्म करती है ;
वे व्यर्थ का प्रयत्न करते हैँ !
वहीँ जीवन का सुकून खो जाता है !
वहीँ हम अशांत होते जाते हैँ !
फिर अकेलेपन को ढूँढ़ते हैँ !
जीवन का अर्थ संसार के शोर मेँ है !
तेज भागती कार मेँ जिँदगी है !
सिगरेट का कश ध्यान का अनुभव है !
जब हम हर प्रक्रिया से नहीँ गुजरेँगे
तो सीखना नहीँ होगा !
त्याग का अर्थ पाने के बाद है !
पाने मेँ मेहनत होती है !
मेहनत मेँ समय लगता है !
इतने ही समय मेँ हम एक हो सकते हैँ !
एक होने का अनुभव ही श्रेष्ठ है
मैँ और तुम नहीँ हैँ ,
और कोई भी नहीँ है !
हर कहीँ वही है ,
जो जीवन देता है ;
जो मुक्ति की दिशा देता है !
हम उससे दूर नहीँ जा सकते !
यही शाश्वत है !
यहीँ जाकर बुराई की कल्पना
मिट जाती है !
यहीँ जाकर अस्तित्व की सुबह
हो जाती है !
Friday, September 24, 2010
My space
Life is a sea.
You can't stay here without swimming.
Swimming is the balance.
The theory says
"the space should be finded
with replacing of others."
But the most beautiful ways
are searches by thinking.
The power of thinking
gives you energy.
You can get everything
that you wishes.
Its a secret for those
who believe in hardwork.
You can't stay here without swimming.
Swimming is the balance.
The theory says
"the space should be finded
with replacing of others."
But the most beautiful ways
are searches by thinking.
The power of thinking
gives you energy.
You can get everything
that you wishes.
Its a secret for those
who believe in hardwork.
Wednesday, August 11, 2010
डर
कोई नहीँ है ;
चारोँ ओर
खुला आसमान है !
फिर भी हम
पंखोँ को खोलकर
उड़ने से डरते हैँ !
हाँ , हम डरते हैँ !
डरते हैँ ;
अनन्त मेँ
गुम न जाएँ
कहीँ !
हम
सत्य से
दूर भागते हैँ
क्योँकि हम
संसार को
सत्य मान वैठे हैँ !
चारोँ ओर
खुला आसमान है !
फिर भी हम
पंखोँ को खोलकर
उड़ने से डरते हैँ !
हाँ , हम डरते हैँ !
डरते हैँ ;
अनन्त मेँ
गुम न जाएँ
कहीँ !
हम
सत्य से
दूर भागते हैँ
क्योँकि हम
संसार को
सत्य मान वैठे हैँ !
Monday, April 26, 2010
जिँदगी
हवा का झोँका आया और मुझे होश आ गया । अब सोच रहा हूँ कि अब तक कहाँ था । जिँदगी को यादोँ मेँ मैँने कहीँ खो दिया था । समय यादोँ को अपनी निगाहोँ मेँ कैद कर लेता है । पर हमेँ उनसे बाहर भी तो निकलना है । यादेँ कुछ दे जाती हैँ । वे खुशियाँ दे जाती हैँ ; गम दे जाती हैँ । इनसे बेहतर वे अनुभव का ज्ञान दे जाती हैँ । वे हमेँ सिखा जाती हैँ कि सही मार्ग कहाँ है । हम जिस रास्ते पर चलना चाहते हैँ , वह यहाँ नहीँ है । वह कहीँ और है ; जहाँ खुशियोँ की बहार आती है ।
यादेँ हमेँ सिखाती हैँ कि अब हम बदल गये हैँ । बचपन मेँ जब हम मासूम थे तो हमारे सोचने का तरीका हमारा खुद का था । तब हम नए नए प्रश्न करते रहते थे । लेकिन अब हमारी सोच पर बहुत सारा बोझ लाद दिया गया है । जिसे लेकर हम चल रहे हैँ । जब हमारी सोच स्वतंत्र नहीँ है तो फिर हम खुद को बेहतर कैसे बना सकते हैँ । हमेँ अपने दिमाग के कारखाने से कचरे को हटाना होगा । न जाने कितने विचार जो हमेँ सही लगते हैँ , गलत हैँ ।
इन गलत विचारोँ पर सोचने का समय तब शायद हमेँ मिल पाये ।
लेकिन हमेँ आज मेँ जीना होगा । बीते कल की बात करके तो सिर्फ समय गुजारा जा सकता है । कुछ हासिल करना है तो हमेँ वर्तमान मेँ जीना होगा । आज के परिप्रेक्ष्य मेँ योजनाएँ बनानी होँगी । आज की स्थितियोँ मेँ प्रयास करने होगेँ । जिँदगी को समझने के तरीके अब बदल चुके हैँ । वक्त ने खुद को बदल लिया है । संस्कृति , परिवेश और विचार भी बदल गये हैँ ; तो हमेँ भी नए तरीकोँ को समझना होगा । पुराने तरीकोँ से सफलता नहीँ मिल सकती क्योँकि पुरानी सोच मेँ माहौल की जंग लग जाती है । उसे हटाने मेँ हमेँ बर्षोँ लग सकते हैँ । इससे बेहतर है नयी कोशिशेँ कीजिए । आसमान को छूने की ये कोशिशेँ तुम्हे आसमान की ओर ले जायेँगी , जहाँ जिँदगी है ।
जिँदगी को पाने की कोशिश क्या कभी आपने की है ? यदि नहीँ तो आप नहीँ जानते कि जिँदगी क्या है । आप बस इतना जानते हैँ कि ऊँचाईयोँ पर खुशियाँ मिलती हैँ । लेकिन आप गलतफहमी मेँ हैँ । प्यार छोटी बस्ती की गलियोँ मेँ पाया जाता है और वे इसे हासिल करने की कोशिश नहीँ करते जो इसे पहचानते हैँ । ये लोग सहयोग , समर्पण , प्रतीक्षा आस्था , संतुष्टि और संस्कारोँ को साथ लेकर चलते हैँ तो इन्हे जिँदगी मिल जाती है ; कुँए से पानी खीँचती किसी लड़की की मुस्कुराहट मेँ ; यहाँ से वहाँ उछलकूद करती गिलहरी मेँ । जिँदगी को पाना जरूरी है । खुशियाँ जिँदगी के साथ मुफ्त मेँ मिलती हैँ और सफलता के साथ चलती हैँ । लेकिन ऊँचाइयोँ पर पहुँचकर आप खुश रहेँगे इस बात की कोई गारंटी नहीँ है । क्योँकि तब लोगोँ की ईर्ष्या , समय की कमी और आधुनिकता के प्रचार का आपको सामना करना पड़ेगा । खुशियाँ मार्केट मेँ नहीँ मिलतीँ । ये कुदरती उपहार होती हैँ ; जिन्हे हम जब चाहे तब पा सकते हैँ । लेकिन जिँदगी के करीब रहकर ही हम ऐसा कर सकते हैँ ।
पत्तोँ को हिलते हुए देखा है कभी । तो उनके धीरे धीरे हिलने मेँ शांति को महसूस कीजिए । नदी किनारे बैठिए और लहरोँ मेँ मन की गति को महसूस कीजिए । आसमान की ओर देखिये और जीवन के रहस्य को महसूस कीजिए । महसूस करने से ही हम सीख पाते हैँ । जिँदगी को पाने के प्रयास मेँ महसूस करने की प्रक्रिया का लाभ उठाईये । कुछ ही समय बाद महसूस होगा कि सोच गंभीर हो गई है । समझ मेँ आता है कि अगर हम इस संसार मेँ उलझ गये तो जीवन का उद्देश्य खत्म हो जाएगा । बस हम यहाँ कुछ सीखने आये हैँ और सीखकर ही हमेँ यहाँ से जाना है ।
हाँ समय का ध्यान रखिए । जिँदगी को किताबोँ मेँ मत ढूंढ़िए । सिद्धांतोँ की लाइब्रेरी मेँ भी मत पढ़िये । क्योँकि समय बहुत कम है । अगरबत्ती के धुँए से वायुमंडल पवित्र नहीँ हो सकता । न ही टेलिविजन पर विज्ञापन देने से धूम्रपान बन्द हो सकता है । खुद को अच्छी राह पर ले जाने की कोशिश कीजिए । लेकिन ध्यान रखिए सूर्य की किरणोँ से आप सीधे ऊर्जा नहीँ ले सकते । हर प्रक्रिया का एक क्रम है और संसार मेँ क्रम महत्वपूर्ण है । आप इस क्रम मेँ कहाँ है कोई नहीँ जानता । शायद आप जानते होँ ? पर हमेशा प्रगति के लिए मेहनत कीजिए । जल्द ही आपको वह दिखाई देगा जिसे खोजने का आप प्रयास कर रहे हैँ ।
लक्ष्य अनन्त है लेकिन संसार मेँ उस लक्ष्य को पाने के लिए कर्म करना पड़ता है । किस्मत अपने खेल खेलती है । सब हमारा ही किया हुआ है । बस हमेँ किस्मत के खेल मेँ एक खिलाड़ी बनना है । जीत और हार की उम्मीद छोड़ खेलना है । तभी हम जीत पाएँगे । हम कामयाब हो जाएँगे यदि हम भागना छोड़ देँ । यादोँ मेँ खोकर कुछ पाएँ और सो जाएँ । सुबह उठकर कहीँ जाना है . . . .
यादेँ हमेँ सिखाती हैँ कि अब हम बदल गये हैँ । बचपन मेँ जब हम मासूम थे तो हमारे सोचने का तरीका हमारा खुद का था । तब हम नए नए प्रश्न करते रहते थे । लेकिन अब हमारी सोच पर बहुत सारा बोझ लाद दिया गया है । जिसे लेकर हम चल रहे हैँ । जब हमारी सोच स्वतंत्र नहीँ है तो फिर हम खुद को बेहतर कैसे बना सकते हैँ । हमेँ अपने दिमाग के कारखाने से कचरे को हटाना होगा । न जाने कितने विचार जो हमेँ सही लगते हैँ , गलत हैँ ।
इन गलत विचारोँ पर सोचने का समय तब शायद हमेँ मिल पाये ।
लेकिन हमेँ आज मेँ जीना होगा । बीते कल की बात करके तो सिर्फ समय गुजारा जा सकता है । कुछ हासिल करना है तो हमेँ वर्तमान मेँ जीना होगा । आज के परिप्रेक्ष्य मेँ योजनाएँ बनानी होँगी । आज की स्थितियोँ मेँ प्रयास करने होगेँ । जिँदगी को समझने के तरीके अब बदल चुके हैँ । वक्त ने खुद को बदल लिया है । संस्कृति , परिवेश और विचार भी बदल गये हैँ ; तो हमेँ भी नए तरीकोँ को समझना होगा । पुराने तरीकोँ से सफलता नहीँ मिल सकती क्योँकि पुरानी सोच मेँ माहौल की जंग लग जाती है । उसे हटाने मेँ हमेँ बर्षोँ लग सकते हैँ । इससे बेहतर है नयी कोशिशेँ कीजिए । आसमान को छूने की ये कोशिशेँ तुम्हे आसमान की ओर ले जायेँगी , जहाँ जिँदगी है ।
जिँदगी को पाने की कोशिश क्या कभी आपने की है ? यदि नहीँ तो आप नहीँ जानते कि जिँदगी क्या है । आप बस इतना जानते हैँ कि ऊँचाईयोँ पर खुशियाँ मिलती हैँ । लेकिन आप गलतफहमी मेँ हैँ । प्यार छोटी बस्ती की गलियोँ मेँ पाया जाता है और वे इसे हासिल करने की कोशिश नहीँ करते जो इसे पहचानते हैँ । ये लोग सहयोग , समर्पण , प्रतीक्षा आस्था , संतुष्टि और संस्कारोँ को साथ लेकर चलते हैँ तो इन्हे जिँदगी मिल जाती है ; कुँए से पानी खीँचती किसी लड़की की मुस्कुराहट मेँ ; यहाँ से वहाँ उछलकूद करती गिलहरी मेँ । जिँदगी को पाना जरूरी है । खुशियाँ जिँदगी के साथ मुफ्त मेँ मिलती हैँ और सफलता के साथ चलती हैँ । लेकिन ऊँचाइयोँ पर पहुँचकर आप खुश रहेँगे इस बात की कोई गारंटी नहीँ है । क्योँकि तब लोगोँ की ईर्ष्या , समय की कमी और आधुनिकता के प्रचार का आपको सामना करना पड़ेगा । खुशियाँ मार्केट मेँ नहीँ मिलतीँ । ये कुदरती उपहार होती हैँ ; जिन्हे हम जब चाहे तब पा सकते हैँ । लेकिन जिँदगी के करीब रहकर ही हम ऐसा कर सकते हैँ ।
पत्तोँ को हिलते हुए देखा है कभी । तो उनके धीरे धीरे हिलने मेँ शांति को महसूस कीजिए । नदी किनारे बैठिए और लहरोँ मेँ मन की गति को महसूस कीजिए । आसमान की ओर देखिये और जीवन के रहस्य को महसूस कीजिए । महसूस करने से ही हम सीख पाते हैँ । जिँदगी को पाने के प्रयास मेँ महसूस करने की प्रक्रिया का लाभ उठाईये । कुछ ही समय बाद महसूस होगा कि सोच गंभीर हो गई है । समझ मेँ आता है कि अगर हम इस संसार मेँ उलझ गये तो जीवन का उद्देश्य खत्म हो जाएगा । बस हम यहाँ कुछ सीखने आये हैँ और सीखकर ही हमेँ यहाँ से जाना है ।
हाँ समय का ध्यान रखिए । जिँदगी को किताबोँ मेँ मत ढूंढ़िए । सिद्धांतोँ की लाइब्रेरी मेँ भी मत पढ़िये । क्योँकि समय बहुत कम है । अगरबत्ती के धुँए से वायुमंडल पवित्र नहीँ हो सकता । न ही टेलिविजन पर विज्ञापन देने से धूम्रपान बन्द हो सकता है । खुद को अच्छी राह पर ले जाने की कोशिश कीजिए । लेकिन ध्यान रखिए सूर्य की किरणोँ से आप सीधे ऊर्जा नहीँ ले सकते । हर प्रक्रिया का एक क्रम है और संसार मेँ क्रम महत्वपूर्ण है । आप इस क्रम मेँ कहाँ है कोई नहीँ जानता । शायद आप जानते होँ ? पर हमेशा प्रगति के लिए मेहनत कीजिए । जल्द ही आपको वह दिखाई देगा जिसे खोजने का आप प्रयास कर रहे हैँ ।
लक्ष्य अनन्त है लेकिन संसार मेँ उस लक्ष्य को पाने के लिए कर्म करना पड़ता है । किस्मत अपने खेल खेलती है । सब हमारा ही किया हुआ है । बस हमेँ किस्मत के खेल मेँ एक खिलाड़ी बनना है । जीत और हार की उम्मीद छोड़ खेलना है । तभी हम जीत पाएँगे । हम कामयाब हो जाएँगे यदि हम भागना छोड़ देँ । यादोँ मेँ खोकर कुछ पाएँ और सो जाएँ । सुबह उठकर कहीँ जाना है . . . .
Sunday, April 18, 2010
एकांत
एकांत का अर्थ है -अकेलापन । जहाँ तुम अकेले हो वहाँ कोई और नहीँ हो सकता । लेकिन फिर कोई तो साथ होगा । जिँदगी का आनंद साथ होने मेँ है । प्रकृति के अंतरंग मेँ छिपकर नृत्य करने मेँ मन का आवरण दिखाई नहीँ देता । सभी एक होने का प्रयास करते हैँ । ब्रह्मांड के कण कण मेँ जो है , उससे मिलने का इंतजार करते हैँ । इस ब्रह्मांड मेँ जो रिक्त है , वह भी संपूर्ण है । फिर उस अनंत को एकांत मेँ महसूस करने का कोई कारण भी होना चाहिये । वह भी एकांत मेँ ही स्पष्ट होता है ।
ट्रेफिक मेँ निकलने मेँ समय लगता है । फिर हम ट्रेफिक मेँ रुककर सोच भी नहीँ सकते । अकेलेपन का आनंद अलग होता है । थ्री डायमेन्सनल स्पेस मेँ मूलबिन्दु को छोड़कर हर बिन्दु के निर्देशांक होते हैँ । हर किसी की अलग स्थिति होती है । लेकिन जो मूलबिन्दु से बहुत दूर अकेला होता है , वह सुकून मेँ होता है । भीड़ से बहुत दूर नहीँ पहुँचा जा सकता । हर कोई हम पर नजर रखता है । उस नजर से दूर एकांत मेँ सफलता की कल्पना विकसित होती है । वह राह मिलती है , जिस पर चलकर हमेँ बहुत दूर जाना है । उसे खोजना है , जो हमारे ही अंदर है । उस विश्वास को छूना है , जो हमेँ संतुष्टि देता है ।
ट्रेफिक मेँ निकलने मेँ समय लगता है । फिर हम ट्रेफिक मेँ रुककर सोच भी नहीँ सकते । अकेलेपन का आनंद अलग होता है । थ्री डायमेन्सनल स्पेस मेँ मूलबिन्दु को छोड़कर हर बिन्दु के निर्देशांक होते हैँ । हर किसी की अलग स्थिति होती है । लेकिन जो मूलबिन्दु से बहुत दूर अकेला होता है , वह सुकून मेँ होता है । भीड़ से बहुत दूर नहीँ पहुँचा जा सकता । हर कोई हम पर नजर रखता है । उस नजर से दूर एकांत मेँ सफलता की कल्पना विकसित होती है । वह राह मिलती है , जिस पर चलकर हमेँ बहुत दूर जाना है । उसे खोजना है , जो हमारे ही अंदर है । उस विश्वास को छूना है , जो हमेँ संतुष्टि देता है ।
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